क्या आधुनिक समाज श्री कृष्ण की तरह यमुना नदी की रक्षा करेगा?
समय का चक्र आज हमें वही दृश्य प्रस्तुत कर रहा है, वही विषाक्तता, वही संकट। बस, फर्क सिर्फ इतना है कि आज का कालिया नाग मनुष्य है और उसकी विषाक्तता यमुना नदी में प्रदूषण के रूप में प्रकट हो रही है।
